Saturday, May 21, 2022
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एक साल के इंतजार के बाद शहीद पुलिस कॉन्स्टेबल अमित राणा की पत्नी ने अरविंद केजरीवाल को दिलाई मुआवजे की याद, वायरल हुई चिट्ठी, पुछा ये भेदभाव क्यों?

Martyr police constable Amit Rana's wife reminds Kejriwal of compensation

दिल्ली पुलिस के 31 वर्षीय कांस्टेबल अमित राणा की मौत को एक साल हो गया है, जो पुलिस सेवा बल में सबसे पहली कोविड की क्षति थी और उनके परिवार को अभी भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे का इंतजार है।

“मैं उस गर्भवती थी जब उनकी मृत्यु हुई और इस साल जनवरी में मुझे एक लड़की हुई। हमें दिल्ली पुलिस से 23 लाख रुपये मिले और उन्होंने हमें नौकरी का आश्वासन दिया, लेकिन एक परीक्षा के बाद। मैं परीक्षा की तैयारी कर रही हूं और अपने माता-पिता के साथ रह रही हूं क्योंकि मेरे ससुराल वालों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।”, उनकी पति पूजा ने कहा।

मुआवजे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को लिखे अपने हालिया पत्र में, पूजा ने लिखा: “आदरणीय अरविंद केजरीवाल जी, मैं पूजा, स्वर्गीय कोरोना वॉरियर अमित राणा की पत्नी। महोदय, मेरे पति जो दिल्ली पुलिस पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर भरत नगर थाने में तैनात थे। 5 मई 2020 कोदिल्ली वालों की सेवा व रक्षा करते हुए कोरोना से ग्रसित होकर उनकी मृत्यु हो गई। मेरे ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उस दुख की घड़ी में मेरे पति की सेवाओं कोयाद करते हुए आपने एक करोड़ की सहायता राशि की घोषणा की थी। उस दुखों के अंधेरे में वो मेरे लिए आशा की किरण थी। किंतु एक साल बीतने के बाद भी मुझे वोसहायता राशि नहीं मिल पाई जिसकी आपने मीडिया व ट्विटर पर घोषणा की थी।

कुछ लोगों को तो आपने दस दिन के अंदर ही सहायता राशि प्रदान की, फिर मेरे साथही ऐसा भेदभाव क्यों।श्रीमान जी, मेरे पास एक चार साल का बेटा व एक चार महीने की बेटी है, आज उनके भविष्य की चिंता सता रही है। यदि एक मुख्यमंत्री अपने किए हुए वादे व घोषणा को पूरा नहीं करेगा तो मैं शायद आगे जीवन में किसी पर विश्वास ना कर पाऊं। न्याय के इंतजार में आपकी बेटी पूजा।”

Martyr police constable Amit Rana's wife reminds Kejriwal of compensation

शहीद कॉन्स्टेबल अमित राणा हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले थे और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के भारत नगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। उनके परिवार में पत्नी पूजा और तीन साल का एक बेटा है।

रिपोर्टों के अनुसार, पहली लहर के दौरान दिल्ली में 31 पुलिस अधिकारियों को कोरोनावायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 15 कोरोना वायरस ड्यूटी पर थे जब उनकी मृत्यु हुई । इनमें से 12 दावों को खारिज कर दिया गया है जबकि 3 दिल्ली सरकार के पास लंबित हैं।

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