Tuesday, May 17, 2022
Banner Top

हरभजन सिंह द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार की सैंतीसवीं बरसी पर खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले और स्वर्ण मंदिर के अंदर मारे गए अन्य लोगों को श्रद्धांजलि देने से विवाद उत्पन्न हो गया परन्तु एहसास होते ही उन्होंने माफ़ी भी मांग ली है।

Controversy arose after Harbhajan Singh paid tribute to Bhindranwale

हरभजन सिंह के इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था: ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 तक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में किया गया था। 1984 में स्वर्गीय पीएम इंदिरा गांधी द्वारा आदेशित मिशन भारतीय सेना द्वारा स्वर्ण मंदिर में सिख समुदाय के लिए एक संप्रभु राज्य की मांग करने वाले आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए चलाया गया था।

Controversy arose after Harbhajan Singh paid tribute to Bhindranwale

हरभजन ने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया और एक नोट के जरिये माफी मांगी है, जहां उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह भारत विरोधी या अपने देशवासियों के खिलाफ किसी भी चीज का समर्थन नहीं करते हैं। हरभजन ने कहा कि उन्हें व्हाट्सएप पर भिंडरावाले की विशेषता वाला पोस्टर मिला था और उस पर सामग्री को सत्यापित किए बिना जल्दबाजी में पोस्ट कर दिया।

हरभजन सिंह के इस विवादित पोस्ट की सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना हो रही है..

भारतीय सेना ने 3 जून को स्वर्ण मंदिर परिसर को घेर लिया था और शाम को शहर में कर्फ्यू लगा दिया था। सेना ने 4 जून को मंदिर के अंदर मौजूद सशस्त्र उग्रवादियों के खिलाफ गोली चलाने का फैसला किया। 5 जून की रात को सेना और आतंकियों के बीच झड़प शुरू हो गई थी।

भारत सरकार के अनुसार, उस झड़प में 83 सैनिक मारे गए थे और 249 घायल हुए थे वहीँ 493 चरमपंथी मारे गए थे, 86 घायल हुए थे और 1592 गिरफ्तार किए गए थे। लेकिन इन आंकड़ों को विवादित माना जाता है।

ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए, इंदिरा गांधी के सिख अंगरक्षकों ने 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी। उनकी हत्या के कारण भारत में सिख विरोधी दंगे हुए।

Social Share

Related Article

0 Comments

Leave a Comment

advertisement

FOLLOW US

RECENTPOPULARTAG

advertisement