Wednesday, May 18, 2022
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से रेमेडिसविर की खरीद में अभिनेता सोनू सूद और कांग्रेस के नेता और विधानसभा सदस्य जीशान सिद्दीकी की भूमिका की जांच करने के आदेश दिए हैं।

Bombay High Court

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को चिंता व्यक्त की कि विधानसभा सदस्य जीशान सिद्दीकी और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद जैसे लोग “मसीहा की तरह काम करते हुए नकली COVID-19 दवाओं का वितरण कर सकते हैं।

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ‘समानांतर एजेंसी’ द्वारा इन घटनाओं से सरकार के प्रयासों के खिलाफ एक सार्वजनिक धारणा पैदा हो सकती है। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर आ सकता है, दावा कर सकता है कि वे समानांतर एजेंसी की तरह लोगों को दवाएं प्रदान कर सकते हैं और पूरी तरह से अनधिकृत हैं, जबकि वास्तव में यह सरकार है जो दवा की खरीद के लिए सभी प्रयास कर रही है। कल को सोशल मीडिया पर कोई भी आ कर कहेगा कि सरकार आपकी मदद के लिए नहीं आ रही है, हम कर रहे हैं।”

कुंभकोनी ने कहा कि सिद्दीकी केवल उन नागरिकों को दवा दे रहे थे, जिन्होंने उनसे संपर्क किया था, इसलिए उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आगे कहा कि सोनू सूद को गोरेगांव के निजी लाइफलाइन केयर अस्पताल के अंदर स्थित कई फार्मेसियों से दवाएं मिली थीं।

Sonu Sood, Zeeshan Siddiqui

कुंभकोनी ने कहा कि फार्मा कंपनी सिप्ला ने इन फार्मेसियों को रेमडेसिविर की आपूर्ति की थी और इसकी जांच जारी थी। वह COVID-19 महामारी से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं और संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित कई मुद्दों पर जनहित याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई करते हुए पारित उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों का जवाब दे रहे थे।

(This story has been sourced from various well known news websites. The Calm Indian accepts no responsibility or liability for its dependability, trustworthiness, reliability and data of the text.)

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